घातक योग-
मीन लग्न में तृतीयेश व अष्टमेश शुक्र शत्रुभाव में शत्रु राशि में हो, पाप मध्यस्थ हो वृष राशि में केतु होने पर घातक योग बनता है। जिससे जातक * भयंकर हिंसक होकर अनेक व्यक्तियों की मृत्यु कर देता है।
सूर्य के द्विर्द्वादश होने पर अथवा चन्द्र या शुक्र के 6,8,12 भाव में पड़ने पर नेत्ररोगी योग बनता है।
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