Thursday, June 18, 2026

शरयोग-

यदि सूर्यादि सातों ग्रह चतुर्थ, पंचम, षष्ठ एवं सप्तम इन चार भावों में ही स्थित हों तो 'शर' नामक योग होता है। इस योग में जन्म लोनें वाला जातक बाणविद्या शस्त्रविद्या में कुशल दुराचारी, वन-विहारों में आनन्द प्राप्त करने वाला, महाहिंसक दुःख से तप्त तथा सुन्दर स्त्री पाकर भी सुखी न रहने वाला होता है। इस योग वाले व्यक्ति छोटे स्तर की नौकरी करने वाले अथवा छोटे व्यापारी भी होते हैं।


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