विभिन्न लग्नों में शुक्र से बनने वाले धन योग
मेष लग्न में
शुक्र ग्रह लग्न में होने पर धनी व्यवसायी आदि योग, धन भाव में मंगल शनि का योग भूमि तथा कृषि कर्म से धनी।
वृष लग्न में
शुक्र बुध और गुरु के धन भाव में होने पर वक्ता, व्यापार ग्रन्थकार के धन्धे से प्रचुर द्रव्य की प्राप्ति करता है।
मिथुन लग्न में
-चन्द्र और गुरु धन भाव में वक्री मंगल के साथ होने पर प्रचुर मात्रा में, धनी, फैक्ट्री, वगैरह उच्च प्रशासन अधिकारी तथा विशिष्ट धार्मिक संस्था के अधिकारी रूप में कार्य करने पर द्रव्योपार्जन होता है।
कर्क लग्न में-
शुक्र धन भाव में सूर्य और गुरु बली होकर स्थित होने पर यश मान प्रतिष्ठा पूर्वक विशेष द्रव्य की प्राप्ति होती है।
सिंह लग्न में-
शुक्र और धन भाव में बुध और गुरु होने पर विद्वान और उच्च स्तरीय व्यवसायी होता है।
तुला लग्न में-
शुक्र और सूर्य तथा बली मंगल स्थित होने पर अग्नि संबंधी कार्य होटल रेस्टोरेन्ट एवं मशीनरी कार्य से विशेष धनी योग बनता है।
कन्या लग्न
में- शुक्र और धन भाव में चन्द्र और बुध की युति से महाभनी योग बनता है।
वृश्चिक लग्न
में- शत्रु और धन भाव में गुरू होने से विशेष धनी योग होता है धनु लग्न में शुक्र और धन भाव में शनि और मंगल का योग उच्चकोटी का जमीदारी एवं मशीनरी धन्ने का विशिष्ट कार्य अथवा कृषि कार्य का स्वामी होता है।
मकर लग्न में
-शुक्र और धन भाव में शनि मंगल का योग भी कृषि फार्म व जायदाद अथवा फैक्ट्री आदि मशीनरी कार्य से विशेष द्रव्योपार्जन होता है।
कुम्भ लग्न में
शुक्र और धन भाव में गुरू से महाधनी योग बनता है।
मीन लग्न में
शुक्र और धन भाब में सूर्य और मंगल की स्थिति से अग्नि सम्बन्धी कार्य या मशीनरी के धन्धे से प्रचुर द्रव्य की प्राप्ति होती है इसमें मंगल अस्तगत नहीं होना चाहिए ।
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