मेषलम्नान्तरबुधफलम्
मेष का बुध लग्न के पहिले स्थान में हो तो वह मनुष्य देह और विवेक शक्ति के बल से, महान् पुरुषार्थ करके, इज्जत प्राप्त करने वाला तथा बहन भाई की शक्ति का गौरव प्राप्त करने वाला और नृनसाल पक्ष की शक्ति का भी सुन्दर योग पाने वाला तथा शत्रु पक्ष में प्रभाव रखने वाला और हर एक किस्म की दिक्कतें व मुशीवतों को सहने व हटाने की शक्ति रखने वाला और बड़ी हिम्मत व चतुराई और पेचीदा तरकीबों से काम निका-लने. वाला तथा गृहस्थ व स्त्री स्थान में कुछ मामूलीं भंझटों के साथ अच्छाई मजबूती और शक्ति प्राप्त करने बाला तथा कुछ परिश्रम और युक्तियों के द्वारा पोजगार में तरक्की करने वाला प्रभाक्शाली मानयुक्त होता है ।
वृष का बुध लग्न से दूसरे स्थान में हो तो वह मनुष्य अपने परिश्रम व पुरुषार्थ से विवेक शक्ति के द्वारा धन कमाने वाला और धन की वृद्धि के लिये बहुत भारी गूढ़ युक्तियों का प्रयोग करने वाला तथा कुटुम्ब स्थान में कुछ थोड़े से वैमनस्य के साथ सम्पर्क शक्ति रखने वाला और 'पुरातत्त्व स्थान से फायदा प्राप्त कर सकने वाला और बहन भाई स्थान में सुख की कमी व कुछ बंधन योग प्राप्त करने वाला और धन के स्थान से प्रभाव पाने वाला तथा पुरुषार्थ बल के स्थान में कुछ कमजोरी पाने वाला और अपनी शक्ति के एकत्रित बल से बहुत गहरी चाल चलने वाला तथा सदैव अपनी शक्ति का प्रयोग धन की वृद्धि में ही लगाये रखने वाला इज्जतदार होता है।
मिथुन का बुध लग्न से तीसरे स्थान में हो तो वह मनुष्य विवेक शक्ति के परिश्रम व पुरुषार्थ के द्वारा, महान् कार्य करने बाला और बहन भाइयों की शक्ति का सुख कुछ थोड़ी सी दिक्कतों के साथ प्राप्त करने वाला तथा अपनी. शक्ति के कारण से भारी हिम्मत और उल्लास प्राप्त करने वाला तथा अपनी मेहनत और दौड़ धूप की शक्ति से भाग्य की वृद्धि करने वाला तथा ननसाल पक्ष से किसी भी प्रकार की और कभी भी उन्नति के मार्ग में सहायक शक्ति प्राप्त करने वाला तथा धर्म के पालन करने के लिये कुछ प्रयत्न करने वाला और अपने अन्दर अपनी शक्ति का गौरव सुख प्राप्त करने वाला तथा शत्रु पक्ष में प्रभाव रखने वाला प्रभावशाली होता है।
कर्क का बुध लग्न से चौथे स्थान में हो तो वह मनुष्य अपने पुरुषार्थ व परिश्रम की शक्ति से सुख प्राप्त करने वाला तथा भाई बहन की शक्ति का,कुछ मामूली दिक्कतों के बाद सुख प्राप्त करने वाला तथा ननसाल पक्ष से सुख प्राप्त करने वाला और माता से कुछ थोड़ी सी वैमनस्यतां का योग पाने वाला और मातृ स्थान भूमि स्थान के संबंध में कुछ अड़चने सहने वाला तथा आराम में कुछ खलल पाने वाला और शत्रु स्थान से निर्भय रहकर काम निकालने वाला तथा कारोबार से फायदा उठाने वाला और राज समाज से मान प्राप्त. करने वाला तथा पिता स्थान से शक्ति प्राप्त करने वाला और विवेक शक्ति से उन्नति प्राप्त करने वाला होता है।
सिंह का बुध लग्न से पांचवें स्थान में हो तो वह मनुष्य बुद्धि स्थान में बड़ी भारी गुप्त विवेक शक्ति के बल से " काम लेने वाला और महान् चतुराइयों से बात चीत करने वाला तथा संतान पक्ष में कुछ वैमनस्यता के साथ शक्ति पाने वाला और विद्या स्थान में बड़े भारी परिश्रम के द्वारा शक्ति प्राप्त करने वाला तथा शत्रु स्थान में बुद्धि की योग्यता व चतुराइयों से कामयावी हासिल करने वाला तथा बुद्धिकी परिश्रम शक्ति के द्वारा धन स्थान की आमदनीं का खूब लाभ पाने वाला और दिमाग की शक्ति से बहुत काम लेने वाला तथा बहन भाई के स्थान में बड़प्पन पाने वाला होशियार होता है। कन्या का बुध लग्न से छठे स्थान में हो तो वह मनुष्य अपनी पराक्रम शक्ति के बल से विवेक द्वारा बड़ा भारी प्रभाव पाने वाला तथा भाई के पक्ष में वैम-नस्यता या विरोध पाने वाला और ननसाल पक्ष में उन्नति का दिग्दर्शन पाने वाला और शत्रु स्थान में विवेक शक्ति से तथा पुरुषार्थ के जरिये गौरव प्राप्त करने वाला और बाहरी अन्य स्थान की परिस्थिति के 'संबंध में बड़ी लापरवाही रखने वाला तथा खर्च के संबंध में कुछ कमजोरी होने पर भी लापरवाही से काम लेने वाला और पेचीदा' विवेक की महान् शक्ति से महानता पाने वाला और कुछ प्रभाव युक्त परतंत्रता का योग पाने वाला तथा महान् पस्चिमी, हिम्मत वाला बहादुर होता है।
तुला का बुध लग्न से सातवें स्थान में हो तो वह मनुष्य बड़े भारी परिश्रमसे, विवेक शक्ति के द्वारा, रोजगार करने वाला और कुछ बहन भाई की शवित पाने वाला, तथा रोजगार की लाइन में कुछ दिक्कतें व रुकावटें सहने वाला और रोजगार में शक्ति भी प्राप्त करने वाला तथा स्त्री स्थान में कुछ वैमनस्यता के साथ, शक्ति और प्रभाव. का फायदा उठाने 'वाला तथा इन्द्रियादिक भोग की शक्ति प्राप्त करने बाला और शत्रु व गृहस्थिक और लौकिक कार्यों में कुछ पेचीदा विवेक की युक्ति और शक्ति से तरक्की करने वाला तथा देह सन्मान प्राप्त करने वाला तथा ननसाल पक्ष की कुछ अच्छाई पाने वाला होता है।
वृश्चिक का बुध लग्न से आठवे स्थान में हो तो वह मनुष्य अपने बल पुरुषार्थ में कमजोरी पाने वाला " बहन भाई के सुख की कमी पाने वाला तथा तथा ननसाल पक्ष की कुछ कमजोरी पाने वाला और महान् गूढ़ युक्तियों की चुतुराइयों से काम निकालने वाला तथा छिपाव शक्ति के बल का भरोसा रखने वाला और पुरातत्त्व स्थान से कुछ कठिनाइयों के साथ विवेक द्वारा, शक्ति प्राप्त करने वाला और धन की वृद्धि के लिये बहुत प्रयत्न करने वाला और कुछ मामूली उदर 'विकार की शिकायत पाने वाला तथा जीवन की दिनचर्या और शत्रु पक्ष में कुछ परेशानी पानेवाला, गुप्त हिम्मत बाला होता है.।
धनु का बुध लग्न से नवम स्थान में हो तो वह मनुष्य अपने पुरुषार्थ और परिश्रम से सफलता पाने वाला और कुछ विवेक शक्ति के द्वारा उन्नति प्राप्त करने के पेचीदा आदर्श माग के द्वारा यश और शक्ति प्राप्त करने वाला तथा भाग्य की उन्नति में कुछ रुकावटें व दिक्कतें सहने वाला और धर्म के स्थान में अंदरूनी कमजोरी और बाहरी शक्ति प्राप्त करन वाला तथा शत्रु पक्ष के संबंध में भाग्य की प्रभुता व पुरु-षार्थ शक्ति से ही सुगम सफलता प्राप्त करने वाला तथा अपनी भाग्योन्नति के लिये धर्म अधर्म का पूरा ख्याल न कर सकने वाला बड़ा गुप्त चतुर हिम्मत वाला होता है। मकर का बुध लग्न से दसवें स्थान में हो तो वह मनुष्य अपनी पुरुषार्थ शक्ति और परिश्रम के जरिये विवेक वाला तथा बहन भाइयों की शक्ति प्राप्त करने वाला और पिता स्थान से शक्ति प्राप्त करने वाला और अपनी मेहनत के कठिन परिश्रम से राज' समाज में मान और प्रभाव प्राप्त. करने वाला तथा परिश्रम के परिणाम से सुख की शक्ति प्राप्त करने वाला और ननसाल पक्ष की कुछ सहायक शक्ति प्राप्त करने वाला तथा पिता के संपर्क में कुछ वैमनस्य पाने वाला और कुछ पेचीदा युक्तियों के काम से तरक्की करने वाला तथा मातृ स्थान को कुछ वैमनस्यता से देखने वाला होता है।
कुम्भ का बुध लग्न से ग्यारहवें स्थान में हो तो वह मनुष्य बहन भाइयों का लाभ पाने वाला तथा अपने पुरुषार्थ से धन कमाने वाला तथा परिश्रम और पेचीदा युक्तियों से लाभ पाने वाला और शत्रु तथा झंझट तलव मामलों से फायदा उठाने वाला तथा आमदनी और अनेक प्रकार के लाभ की वृद्धि के लिये बड़ी दौड़ धूप और विवेक शक्ति से काम लेने वाला और विद्या प्राप्ति के लिये बड़ा परिश्रम करने वाला और बुद्धि के अंदर बड़ी पेचीदा विवेक शक्ति से काम लेने और बोलने वाला तथ संतान पक्ष में कुछ शक्ति और वैमनस्यता का योग पाने वाला प्रभाव शक्ति और योग्यता रखने वाला बड़ा चतुर होता है।
मीन का बुध लग्न से बारहवें स्थान में हो तो वह मनुष्य बहन भाइयों की हानि व कमी पाने वाला और बल पुरुषार्थ में बड़ी भारी कमजोरी पाने वाला तथा ननसाल पक्ष में हानि पाने वाला और बड़ी मुश्किलों के जरिये से खर्च चलाने वाला और बड़ा संकीर्ण परिश्रम करने वाला और शत्रु पक्ष से बड़ा भय और अशांति के द्वारा काम निकालने वाला तथा बड़ी भारी छिपी हुई संकीर्ण शक्ति का भरोसा रखने वाला और अन्य दूसरे स्थानों के संपर्क में अशांति का योग पाने वाला और खर्च की संचालन शक्ति में कुछ परतंत्रता व कुछ परेशानी का योग पाने वाला और कुछ कंजूसी से काम लेने वाला तथा कुछ परेशानियां सह कर परेशानियों को हटा सकने वाला होता है।
मेष का बुध लग्न के पहिले स्थान में हो तो वह मनुष्य देह और विवेक शक्ति के बल से, महान् पुरुषार्थ करके, इज्जत प्राप्त करने वाला तथा बहन भाई की शक्ति का गौरव प्राप्त करने वाला और नृनसाल पक्ष की शक्ति का भी सुन्दर योग पाने वाला तथा शत्रु पक्ष में प्रभाव रखने वाला और हर एक किस्म की दिक्कतें व मुशीवतों को सहने व हटाने की शक्ति रखने वाला और बड़ी हिम्मत व चतुराई और पेचीदा तरकीबों से काम निका-लने. वाला तथा गृहस्थ व स्त्री स्थान में कुछ मामूलीं भंझटों के साथ अच्छाई मजबूती और शक्ति प्राप्त करने बाला तथा कुछ परिश्रम और युक्तियों के द्वारा पोजगार में तरक्की करने वाला प्रभाक्शाली मानयुक्त होता है ।
वृष का बुध लग्न से दूसरे स्थान में हो तो वह मनुष्य अपने परिश्रम व पुरुषार्थ से विवेक शक्ति के द्वारा धन कमाने वाला और धन की वृद्धि के लिये बहुत भारी गूढ़ युक्तियों का प्रयोग करने वाला तथा कुटुम्ब स्थान में कुछ थोड़े से वैमनस्य के साथ सम्पर्क शक्ति रखने वाला और 'पुरातत्त्व स्थान से फायदा प्राप्त कर सकने वाला और बहन भाई स्थान में सुख की कमी व कुछ बंधन योग प्राप्त करने वाला और धन के स्थान से प्रभाव पाने वाला तथा पुरुषार्थ बल के स्थान में कुछ कमजोरी पाने वाला और अपनी शक्ति के एकत्रित बल से बहुत गहरी चाल चलने वाला तथा सदैव अपनी शक्ति का प्रयोग धन की वृद्धि में ही लगाये रखने वाला इज्जतदार होता है।
मिथुन का बुध लग्न से तीसरे स्थान में हो तो वह मनुष्य विवेक शक्ति के परिश्रम व पुरुषार्थ के द्वारा, महान् कार्य करने बाला और बहन भाइयों की शक्ति का सुख कुछ थोड़ी सी दिक्कतों के साथ प्राप्त करने वाला तथा अपनी. शक्ति के कारण से भारी हिम्मत और उल्लास प्राप्त करने वाला तथा अपनी मेहनत और दौड़ धूप की शक्ति से भाग्य की वृद्धि करने वाला तथा ननसाल पक्ष से किसी भी प्रकार की और कभी भी उन्नति के मार्ग में सहायक शक्ति प्राप्त करने वाला तथा धर्म के पालन करने के लिये कुछ प्रयत्न करने वाला और अपने अन्दर अपनी शक्ति का गौरव सुख प्राप्त करने वाला तथा शत्रु पक्ष में प्रभाव रखने वाला प्रभावशाली होता है।
कर्क का बुध लग्न से चौथे स्थान में हो तो वह मनुष्य अपने पुरुषार्थ व परिश्रम की शक्ति से सुख प्राप्त करने वाला तथा भाई बहन की शक्ति का,कुछ मामूली दिक्कतों के बाद सुख प्राप्त करने वाला तथा ननसाल पक्ष से सुख प्राप्त करने वाला और माता से कुछ थोड़ी सी वैमनस्यतां का योग पाने वाला और मातृ स्थान भूमि स्थान के संबंध में कुछ अड़चने सहने वाला तथा आराम में कुछ खलल पाने वाला और शत्रु स्थान से निर्भय रहकर काम निकालने वाला तथा कारोबार से फायदा उठाने वाला और राज समाज से मान प्राप्त. करने वाला तथा पिता स्थान से शक्ति प्राप्त करने वाला और विवेक शक्ति से उन्नति प्राप्त करने वाला होता है।
सिंह का बुध लग्न से पांचवें स्थान में हो तो वह मनुष्य बुद्धि स्थान में बड़ी भारी गुप्त विवेक शक्ति के बल से " काम लेने वाला और महान् चतुराइयों से बात चीत करने वाला तथा संतान पक्ष में कुछ वैमनस्यता के साथ शक्ति पाने वाला और विद्या स्थान में बड़े भारी परिश्रम के द्वारा शक्ति प्राप्त करने वाला तथा शत्रु स्थान में बुद्धि की योग्यता व चतुराइयों से कामयावी हासिल करने वाला तथा बुद्धिकी परिश्रम शक्ति के द्वारा धन स्थान की आमदनीं का खूब लाभ पाने वाला और दिमाग की शक्ति से बहुत काम लेने वाला तथा बहन भाई के स्थान में बड़प्पन पाने वाला होशियार होता है।
कन्या का बुध लग्न से छठे स्थान में हो तो वह मनुष्य अपनी पराक्रम शक्ति के बल से विवेक द्वारा बड़ा भारी प्रभाव पाने वाला तथा भाई के पक्ष में वैम-नस्यता या विरोध पाने वाला और ननसाल पक्ष में उन्नति का दिग्दर्शन पाने वाला और शत्रु स्थान में विवेक शक्ति से तथा पुरुषार्थ के जरिये गौरव प्राप्त करने वाला और बाहरी अन्य स्थान की परिस्थिति के 'संबंध में बड़ी लापरवाही रखने वाला तथा खर्च के संबंध में कुछ कमजोरी होने पर भी लापरवाही से काम लेने वाला और पेचीदा' विवेक की महान् शक्ति से महानता पाने वाला और कुछ प्रभाव युक्त परतंत्रता का योग पाने वाला तथा महान् पस्चिमी, हिम्मत वाला बहादुर होता है।
तुला का बुध लग्न से सातवें स्थान में हो तो वह मनुष्य बड़े भारी परिश्रमसे, विवेक शक्ति के द्वारा, रोजगार करने वाला और कुछ बहन भाई की शवित पाने वाला, तथा रोजगार की लाइन में कुछ दिक्कतें व रुकावटें सहने वाला और रोजगार में शक्ति भी प्राप्त करने वाला तथा स्त्री स्थान में कुछ वैमनस्यता के साथ, शक्ति और प्रभाव. का फायदा उठाने 'वाला तथा इन्द्रियादिक भोग की शक्ति प्राप्त करने बाला और शत्रु व गृहस्थिक और लौकिक कार्यों में कुछ पेचीदा विवेक की युक्ति और शक्ति से तरक्की करने वाला तथा देह सन्मान प्राप्त करने वाला तथा ननसाल पक्ष की कुछ अच्छाई पाने वाला होता है।
वृश्चिक का बुध लग्न से आठवे स्थान में हो तो वह मनुष्य अपने बल पुरुषार्थ में कमजोरी पाने वाला " बहन भाई के सुख की कमी पाने वाला तथा तथा ननसाल पक्ष की कुछ कमजोरी पाने वाला और महान् गूढ़ युक्तियों की चुतुराइयों से काम निकालने वाला तथा छिपाव शक्ति के बल का भरोसा रखने वाला और पुरातत्त्व स्थान से कुछ कठिनाइयों के साथ विवेक द्वारा, शक्ति प्राप्त करने वाला और धन की वृद्धि के लिये बहुत प्रयत्न करने वाला और कुछ मामूली उदर 'विकार की शिकायत पाने वाला तथा जीवन की दिनचर्या और शत्रु पक्ष में कुछ परेशानी पानेवाला, गुप्त हिम्मत बाला होता है.।
धनु का बुध लग्न से नवम स्थान में हो तो वह मनुष्य अपने पुरुषार्थ और परिश्रम से सफलता पाने वाला और कुछ विवेक शक्ति के द्वारा उन्नति प्राप्त करने के पेचीदा आदर्श माग के द्वारा यश और शक्ति प्राप्त करने वाला तथा भाग्य की उन्नति में कुछ रुकावटें व दिक्कतें सहने वाला और धर्म के स्थान में अंदरूनी कमजोरी और बाहरी शक्ति प्राप्त करन वाला तथा शत्रु पक्ष के संबंध में भाग्य की प्रभुता व पुरु-षार्थ शक्ति से ही सुगम सफलता प्राप्त करने वाला तथा अपनी भाग्योन्नति के लिये धर्म अधर्म का पूरा ख्याल न कर सकने वाला बड़ा गुप्त चतुर हिम्मत वाला होता है।
मकर का बुध लग्न से दसवें स्थान में हो तो वह मनुष्य अपनी पुरुषार्थ शक्ति और परिश्रम के जरिये विवेक वाला तथा बहन भाइयों की शक्ति प्राप्त करने वाला और पिता स्थान से शक्ति प्राप्त करने वाला और अपनी मेहनत के कठिन परिश्रम से राज' समाज में मान और प्रभाव प्राप्त. करने वाला तथा परिश्रम के परिणाम से सुख की शक्ति प्राप्त करने वाला और ननसाल पक्ष की कुछ सहायक शक्ति प्राप्त करने वाला तथा पिता के संपर्क में कुछ वैमनस्य पाने वाला और कुछ पेचीदा युक्तियों के काम से तरक्की करने वाला तथा मातृ स्थान को कुछ वैमनस्यता से देखने वाला होता है।
कुम्भ का बुध लग्न से ग्यारहवें स्थान में हो तो वह मनुष्य बहन भाइयों का लाभ पाने वाला तथा अपने पुरुषार्थ से धन कमाने वाला तथा परिश्रम और पेचीदा युक्तियों से लाभ पाने वाला और शत्रु तथा झंझट तलव मामलों से फायदा उठाने वाला तथा आमदनी और अनेक प्रकार के लाभ की वृद्धि के लिये बड़ी दौड़ धूप और विवेक शक्ति से काम लेने वाला और विद्या प्राप्ति के लिये बड़ा परिश्रम करने वाला और बुद्धि के अंदर बड़ी पेचीदा विवेक शक्ति से काम लेने और बोलने वाला तथ संतान पक्ष में कुछ शक्ति और वैमनस्यता का योग पाने वाला प्रभाव शक्ति और योग्यता रखने वाला बड़ा चतुर होता है।
मीन का बुध लग्न से बारहवें स्थान में हो तो वह मनुष्य बहन भाइयों की हानि व कमी पाने वाला और बल पुरुषार्थ में बड़ी भारी कमजोरी पाने वाला तथा ननसाल पक्ष में हानि पाने वाला और बड़ी मुश्किलों के जरिये से खर्च चलाने वाला और बड़ा संकीर्ण परिश्रम करने वाला और शत्रु पक्ष से बड़ा भय और अशांति के द्वारा काम निकालने वाला तथा बड़ी भारी छिपी हुई संकीर्ण शक्ति का भरोसा रखने वाला और अन्य दूसरे स्थानों के संपर्क में अशांति का योग पाने वाला और खर्च की संचालन शक्ति में कुछ परतंत्रता व कुछ परेशानी का योग पाने वाला और कुछ कंजूसी से काम लेने वाला तथा कुछ परेशानियां सह कर परेशानियों को हटा सकने वाला होता है।
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