Tuesday, June 30, 2026

शनि के उपाय 

१. शनि का अनुष्ठान करें।

२. मद्य-मांस का सेवन न करें।

३. वटवृक्ष की जड़ में दूध चढ़ायें और उस दूध से गीली मिट्टी बदन में लगायें।

४. वीरान स्थान में भूमि के नीचे सुरमा दबायें।

५. बन्दर पालें।

६. लोह का दान करें। लोहातत्त्व वाला भोजन न करें।

७. शिवलिंग पर जल चढ़ायें।

८. सौंप को दूध पिलायें।

९. सरसों तेल न लगायें, न खायें।

१०. दूध-दही का सेवन करें।

११. कुएँ में (जहाँ से पानी पीते हैं) दूध डालें।

१२. परस्त्रीगमन से बचें।

१३. गुड़, ताम्बा, भूरी भैंस, बन्दर, शहद, खाँड, सौंफ, लाल मूँगा, हथियार, चावल, चाँदी, दूध, कुआँ, घोड़ा आदि घर में स्थापित करें।

१४. बादाम दान करें। इसे प्रयोग में न लायें।

१५. कुत्ता पालें।

१६. तेल में मुख देखकर दान करें।

१७. नारियल दान दें।

१८. कुत्तों को रोटी खिलायें।

१९. बाँस के फोफी में खांड भरकर भूमि में दबायें।

२०. भवन के आस-पास और अन्दर सफाई रखें।

२१. लकड़ी के पीढ़े पर बैठकर स्नान करें। तलवे भूमि पर न लगें।

२२. चाँदी पहनें।

२३. एक सेर (९२५ ग्राम) दूध और इतनी ही सरसों तेल लगी उड़द पानी में बहायें।

२४. केतु का अनुष्ठान करें।

२५. बृहस्पति का अनुष्ठान करें।

२६. घर में पत्थर लगायें (माता-पिता स्वर्गवासी हो गये हों, तब)।

२७. छत पर लकड़ी, ईंट, पत्थर, लोहा आदि न रखें।

२८. गणेश की उपासना करें।

२९. शराब भैरव पर चढ़ायें।

३०. १२ बादाम काले कपड़े में बाँधकर, लोहे के पात्र में रखकर भूमि में दबायें।


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