शुक्र के उपाय
१. दही प्रयुक्त करें।
२. गुड़ प्रयोग में न लायें।
३. दिन में रति ने करें।
४. अय्याशी से बचें।
५. मंगल की वस्तुओं का प्रयोग करें।
६. आलू में हल्दी देकर उबालें और गाय को खिलायें।
७. गाय का घी दान करें।
८. परस्त्रीगमन से बचें।
९. जायदाद न बेचें।
१०. स्त्रियों से प्रेममय एवं सम्मानजनक व्यवहार रखें।
११. कुआँ न खुदवायें।
१२. झाडू में काला सुरमा लगाकर भूमि में दबायें।
१३. मदिरा या मादक द्रव्यों का प्रयोग न करें।
१४. दोषों को व्यक्त न करें।
१५. दूसरे की आलोचना से बचें।
१६. गुप्तांग (विशेषकर स्त्री) दूध मिश्रित पानी या नीम के पत्ते के पानी से प्रतिदिन घोयें।
१७. चाँदी पहनें।
१८. काँसे के बर्तन एवं नीले फूल दान करें।
१९. ज्वार को रात भर शय्या में रखें, सुबह दान करें।
२०. २५ के बाद विवाह करें।
२१. जमानत लेने या शपथ लेने से बचें।
२२. घोड़े पालें।
२३. पश्चिमी दीवार कच्ची रखें।
२४. कामभाव का दमन करें।
२५. तेल दान करें।
२६. स्त्री को कोष न सौंपें।
२७. स्त्री जातक नीले फूल, काँसे एवं धूल को भूमि में छुपकर गाड़ें।
२८. राहु की वस्तुएँ न रखें न पहनें।
२९. स्त्री जातक शिवलिंग पर जल चढ़ायें।
३०. पुरुष से वियोग हो, तो चन्द्रमा का अनुष्ठान करें।
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