खोई /चोरी गई वस्तु का अनुमान।
वस्तु के गुम होने वाले समय जो नक्षत्र चल रहा होता है उसी के अनुसार उपर्युक्त आधार पर खोई हुई वस्तु की प्राप्ति की संभावनाओं के बारे में पता लगाया जा सकता है।
1. अन्ध लोचन नक्षत्र- पुष्य, उत्तराफाल्गुनी, विशाखा, पूर्वाषाढ़ा, धनिष्ठा, रेवती व रोहिणी।
अंध नक्षत्र में खोई हुई वस्तु स्वतः अथवा अल्प प्रयास में प्राप्त हो जाया करती है।
2. मन्दलोचन नक्षत्र- आश्लेषा, हस्त, अनुराधा, उत्तराषाढ़ा, शतभिषा, अश्विनी व मृगशिरा।
* मन्दलोचन नक्षत्र में गुम वस्तु बहुत प्रयास करने पर कठिनता से प्राप्त होती है। मन्दलोचन नक्षत्र में खोई वस्तु के उत्तर या दक्षिण दिशा में मिलने की संभावना होती है।
3. मध्यलोचन नक्षत्र- मघा, चित्रा, ज्येष्ठा, पूर्वाभाद्रपद, भरणी व आर्द्रा।
* मध्यलोचन नक्षत्र में खोई हुई वस्तु अत्यन्त विलम्ब से प्राप्त होती है।
4. सुलोचन नक्षत्र- पूर्वा फ़ाल्गुनी, स्वाति, मूल, श्रवण, उत्तराभाद्रपद, कृत्तिका व पुनर्वसु ।
* सुलोचन नक्षत्र में खोई हुई वस्तु के प्राप्त होने की कोई संभावना नहीं होती है।
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