Wednesday, July 1, 2026

मंगल दोष निवृत्ति के विविध उपाय

मानव जीवन बड़ी विषमताओं से मरा है। कई बार ऐसा होता है कि लड़का पसन्द है. लड़की मंगलीक है, पर मंगल का मिलान नहीं हो रहा है। अथवा लड़‌का-लड़‌की दोनों एक दूसरे को पसन्द कर लिया, मंगल मिलान एवं कुण्डलियों में उनका विश्वास नहीं है, ऐसे में माता-पिता, अभिभावक किसी अशुभ को आशंका से चिन्ताग्रस्त हो उठते हैं।

1. वर-कन्या दोनों मूंगा रत्नजडित मंगल-यंत्र धारण करें। यह यंत्र विवाह के पूर्व धारण करेंगे तो ससुराल अच्छा व शीघ्र मिलेगा। विवाह के बाद पहनने से दाम्पत्य जीवन सुखी रहेगा। हमारा अनुभव है कि मूंगे की अंगूठी की जगह मंगल-यंत्र ही पहनना ज्यादा श्रेष्ठ रहता है। एक तो यह नाभि से ऊपर रहने के कारण पवित्र रहता है। दूसरा इसमें यंत्र-मंत्र-तंत्र तीनों की शक्ति (त्रिगुणित) ताकत होती है।

2. कन्या मंगला गौरी का व्रत उद्यापन करे अथवा

3.वट सावित्री का व्रत करे।

4. मंगल ग्रह के दस हजार जप एवं उसकी हवनात्मक शान्ति करें, ग्रह-शान्ति का प्रयोग करावें।

5.पार्वती मंगल स्तोत्र का नित्य पाठ करें।

6.गलती से विवाह हो जाए एवं बाद में ग्रह उसकी स्थितियों का पता चल जाए तो घर में नित्य सुन्दरकाण्ड का पठ करना चाहिए।

7.डबल-त्रिबल मंगलीक कुण्डली वाले विवाह के पूर्व दुर्गासप्तशती के अर्गला स्तोत्र का नित्य पाठ करें तथा श्लोक 24 को तीन बार नित्य दोहराएं।

पत्नीं मनोरमां देहि मनोवृत्तानुसारिणीम्।

तारिणीं दुर्गसंसारसागरस्य कुलो‌द्भवाम्।।

यदि स्त्री जातक पाठ करे तो पत्नी की जगह पति पढ़े।

8.अनेक शाबर मंत्र भी विलक्षण रूप से काम करते हैं। ऐसे अन्य अनुभूत शाबर मंत्री का प्रयोग गुरु मुख से ग्रहण करके गुरु की आज्ञा से करना चाहिए।

सप्तम भावजनित कष्ट निवारण के विविध उपाय

1.सवा पांच रत्ती मूंगे की अंगूठी धारण करें।

2.ताम्बे के प्राणप्रतिष्ठित मंगल-मंत्र का नित्य पूजन करें।

3.मूंगा युक्त 'मंगल-यंत्र' गले में धारण करें।

4.मंगलवार के 28 व्रत रखें।

5.पुखराज युक्त 'गुरु-मंत्र' गले में धारण करें।

6.गुरुवार का व्रत रखे एवं गुरुवर को कथा करें।

7.घट-विवाह शास्त्रोक्त विभि से करावें।

8.वट सावित्री का बत एवं उद्यापन करें।

9.मंगला गौरी का व्रत कथा करें।

10. शुक्रवार का नियमित व्रत रखखें, खटाई का सेवन न करें।

11. शुक्र यंत्र गले में धारण करें।

12.पार्वती मंगल स्तोत्र का नित्य पाठ करें।

13.गुरु की आज्ञा लेकर कोई तान्त्रिक अनुष्ठान करें।

14. मनोवांछित पति प्राप्ति हेतु गुरु की आज्ञा से तान्त्रिक वंशीकरण मंत्रों का प्रयोग करें।

15. मनोवांछित भार्या की प्राप्ति हेतु दुर्गा सप्तशती के मंत्र का प्रयोग गुरु आज्ञा से करें।

16. शीघ्र विवाह हेतु गन्धर्वराज के मंत्र का अनुष्ठान करें।

17. गृहकलह की शांति हेतु सुन्दरकाण्ड का नित्य पाठ करें।

18. शीघ्र विवाह हेतु आकर्षक मंत्र एवं यंत्र का प्रयोग करें।

19. सुखद वैवाहिक जीवन के लिए विवाह समय दो बराबर वजन के चांदी के टुकड़े केसरयुक्त चावल के साथ लें। फिर सुखी गृहस्थ का संकल्प लेकर चावल की एक ढेरी अपने पास रखखें। जब तक अवशेष भाग लड़की या लड़‌के के पास रहेगा। उनका गृहस्थ जीवन सुखमय बना रहेगा।

20. सोमवार का नियमित व्रत कथापूर्वक करें। शिवजी पर दुग्धमिश्रित जल चढ़ावें।

21. माणिक्यजड़ित सूर्य यंत्र धारण करें।

No comments:

Post a Comment