Thursday, June 25, 2026

चन्द्रमा  - राहु 

अथ चन्द्रराहुफलम 

जन्मकर्मे शुभे धर्मे चंद्राथदि पतेत्तमः ।
जन्मकाले भूपतिश्व वृद्धकाले महाधनी ॥ १ ॥

जिस मनुष्यकी जन्म कुण्डली में चन्द्रमासे दशम या नवम घरमें अथवा चन्द्रमा के साथ राहु बैठा हो तब मनुष्य वृद्धानस्थामें राजाके बराबर धनवान् होताहै

षष्ठे च द्वादशे राहुश्चंद्राच्च पतितो यदि ।
स राजा राजमंत्री च धनधान्यसमाकुलः ॥ २ ॥

और जिसके जन्म समयमें चन्त्रमासे छटे घरमें या बारहवें घरमें राहु हो यह मनुप्य राजा या राजा का मंत्री तथा धनधान्यों से परि पूर्ण रहता है ।। २॥

चतुर्थे सप्तमे राहुचंद्राच्च यदि जायते । 
माता पिता महाकष्टी सदा ह्यसुखदायकः ॥ ३ ॥

और जिसके जन्म समय में चन्द्रमासे चतुर्थ या सप्तम घरमें राहु होता है उस मनुष्य के माता पिताको अत्यन्त कष्ट होता है और सदा स्वय दुःखदायी होता है ॥ ३ ॥

धने एकादशे स्थाने चंद्राद्र। हुः प्रजायते । 
धनमानवसंयुक्तः सुखं स्वप्ने न दृश्यते ॥ ४ ॥

और जिसके जन्म समय में चन्त्रमासे दूसरे या ग्यारहये घरमें राहु पैठारो तब यह मनुष्य धन और मनुष्यों से युक्त होने पर भी स्वप्नमेंभी सुखको नहीं देखता है।।४।।

पंचमे च यदा राहुश्चंद्राज्जल जसंभवम् ।
 निधनं चापि सिद्धं च आपदश्च पदे पदे ॥ ५ ॥

और जिसके जन्म समयमें चबमा से पंचम घरमें राहु बैठाडो तब उस मनुप्य को क्षण २ में आपत्ति प्राप्त होतीहै और जलके निमित्त से ममृत्यु का भय होताहै ।।


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